हरी मिर्च को भिगोकर उसका पानी पीने से पेट रहता है दुरूस्‍त, हृदय रोगों से होती है रक्षा

हरी मिर्च सब्‍जी का एक हिस्‍सा है। इसके के बगैर भारतीय खाना पूरा नहीं माना जाता है। दाल और सब्‍जी में तड़के के दौरान मिर्च को शामिल किया जाता है। यह चटनी और अन्‍यत डिश में मिलाया जाता है। हरी मिर्च सेवन करने के कई स्वास्थ्य लाभ भी हैं। इसमें कई औषधीय गुण पाए जाते हैं, जो कई रोगों से बचाने आपकी मदद कर सकते हैं। एंटी-ऑक्सीडेंट और डाइट्री फाइबर्स से युक्‍त हरी मिर्च आपको हृदय रोग, पेट के अल्‍सर और कई समस्‍याओं से छुटकारा दिलाते हैं। हम यहां आपको हरी मिर्च के कई ऐसे लाभ बता रहे हैं, जो मिर्च से दूर भागने वालों को और करीब लाएंगे। हरी मिर्च के फायदे और इसके सेवन करने का एक अलग तरीका यहां हम आपको बता रहे हैं।





हरी मिर्च में मौजूद पोषक तत्व


हरी मिर्च में एंटी-ऑक्‍सीडेंट के अलावा विटामिन ए, बी6, सी, आयरन, कॉपर, पोटेशियम, प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होती है। इसमें बीटा कैरोटीन, क्रीप्टोक्सान्थिन, लुटेन -जॅक्सन्थि‍न आदि स्वास्थ्यवर्धक चीजें मौजूद हैं।


हरी मिर्च के फायदे 



  • हरी मिर्च कैंसर से सुरक्षा करती है। हरी मिर्च एंटीऑक्सिडेंट से भरी होती है, जो प्राकृतिक रूप से शरीर को मुक्त कणों से बचाती है। हरी मिर्च प्रोस्टेट की समस्या को भी दूर रख सकती है।

  • हरी मिर्च हृदय प्रणाली पर कई लाभकारी प्रभाव डालती है। विशेष रूप से, यह रक्त कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड के स्तर और प्लेटलेट एकत्रीकरण को कम करने के साथ-साथ फाइब्रिनोलिटिक गतिविधि को बढ़ाकर एथेरोस्क्लेरोसिस के विकास की संभावना को कम करता है। 

  • हरी मिर्च में डाइट्री फाइबर्स अधिक मात्रा में होते हैं, जिससे पाचन क्रिया बेहतर होती है। इम्यून सिस्टम स्ट्रॉग होता है जो शरीर को कई रोगों से बचाता है। हरी मिर्च को मूड बूस्टर के रूप में भी जाना जाता है।

  • यह मस्तिष्क में एंडोर्फिन का प्रसार करती है जिससे मूड खुशनुमा रहने में मदद मिलती है। हरी मिर्च में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जिसकी वजह से शरीर बैक्टीरिया-फ्री रहता है। 

  • हरी मिर्च में विटामिन ए होने के कारण यह आंखों और त्वचा पर सकारात्‍मक प्रभाव डालती है।

    हरी मिर्च के सेवन का तरीका 


    रोजना सोने से पहल रात में 3-4 हरी मिर्च साफ पानी से धो लें और मिर्च के बीच में से चिरा लगा दें। इन मिर्च को कम से कम 1 ग्‍लास पानी में भिगोकर रख दें। सुबह उठकर इस पानी को पी लें। ध्‍यान रखें कि इस पानी को पीने से कुछ समय पहले कुछ खाएं या पिएं नहीं। आप चिकित्‍सक से सलाह भी ले सकते हैं।